नई दिल्ली, अप्रैल 22 -- उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सुप्रीम कोर्ट को लेकर दिए अपने बयान की आलोचना के बीच फिर से खुलकर राय जाहिर की है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि संसद में लोकतंत्र सुप्रीम है और उससे ऊपर कोई भी अथॉरिटी नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान कैसा होगा और उसमें क्या संशोधन होने हैं, यह तय करने का पूरा अधिकार सांसदों को है। उनके ऊपर कोई भी नहीं है। उपराष्ट्रपति का यह दोटूक बयान तब आया है, जबकि उनकी सुप्रीम कोर्ट को लेकर की गई टिप्पणी की एक वर्ग में आलोचना भी हो रही है। उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा से पारित कई विधेयकों के राज्यपाल के पास लंबित होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का जिक्र करते हुए सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि कैसा समय देखना पड़ रहा है कि सुप्रीम कोर्ट अब राष्ट्रपति को आदेश दे रहा है। अब राष्ट्रपति को तय समय...
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