लखनऊ, फरवरी 5 -- 26 जनवरी को बीते 10 दिन हो गए हैं लेकिन बागपत में गणतंत्र दिवस के मौके पर संविधान पार्क में मूल प्रस्तावना की प्रतिकृति लगाने को लेकर विवाद बढ़ रहा है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस चल रही है और लोग बागपत की डीएम अस्मिता लाल को भी लपेट रहे हैं कि एक आईएएस अफसर ने क्यों और कैसे पुरानी प्रस्तावना लगवा दी। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले साल भी साफ कहा था कि इंदिरा गांधी के द्वारा आपातकाल के दौरान 1976 में संशोधित नई प्रस्तावना में किसी बदलाव का उसका कोई इरादा नहीं है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग डीएम का बचाव कर रहे हैं तो कुछ लोग उनके इस निर्णय पर सवाल उठा रहे हैं। बड़ौत के संविधान पार्क में प्रस्तावना की विशाल प्रतिकृति लगाई गई है। उसमें प्रस्तावना के कुछ शब्दों के गायब होने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जो मौजूदा संविधान क...
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