शिमला, अगस्त 16 -- हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी संविदा कर्मचारी को मातृत्व अवकाश का लाभ केवल इसलिए कम नहीं किया जा सकता क्योंकि उसने नियमित किए जाने के समय मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया था। जस्टिस संदीप शर्मा ने कामिनी शर्मा की रिट याचिका पर फैसला सुनाते हुए उक्त आदेश जारी किया। अदालत ने कहा कि मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने से प्रतिवादियों को याचिकाकर्ता को 21 अगस्त 2021 से 180 दिनों की अवधि के लिए दिए गए मातृत्व अवकाश को कम करने का कोई अधिकार नहीं मिल जाता है। बता दें कि याचिकाकर्ता को सितंबर 2018 में राजकीय प्राथमिक विद्यालय गेटर में संविदा के आधार पर जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी) के रूप में नियुक्त किया गया था। अगस्त 2021 में उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया और केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972 के अनुसार...
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