संतकबीरनगर, फरवरी 3 -- संतकबीरनगर, निज संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी इं. मुकेश गुप्ता ने आरोप लगाया है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने निजीकरण के लिए तय मानकों के विपरीत लगभग 45 प्रतिशत तक संविदा कर्मियों की बड़े पैमाने पर छंटनी कर दी है। अनुभवी संविदा कर्मियों को इस तरह हटाए जाने से प्रदेश की बिजली व्यवस्था गंभीर रूप से लड़खड़ा सकती है। उन्होंने कहा कि नए टेंडरों के माध्यम से की जा रही छँटनी के कारण कई जनपदों में संविदा कर्मियों में भारी आक्रोश है और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन एवं तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। वीरेंद्र मौर्य ने बताया कि अब तक प्रदेश में लगभग 25 हजार संविदा कर्मियों को कार्य से हटाया जा चुका है, जिनमें कई ऐसे कर्मी भी शामिल हैं जो बिजली व्यवस्था का संचालन करते हुए दुर्घटनाओं का शिकार होकर अपंग हो च...