नई दिल्ली, जनवरी 19 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है जिसने यह सिद्ध किया है कि संवाद व विमर्श ही संसदीय लोकतंत्र की सर्वोत्तम परंपरा है। यहां सोमवार से शुरू हुए 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (एआईपीओसी) के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बात कही। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सहमति और असहमति लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति हैं। विभिन्न मतों और विचारों से ही लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ किया जा सकता है। बिरला ने कहा कि सभी मतों और विचारों को स्थान देकर ही हम विधायिका को एक अधिक जवाबदेह, प्रभावी और सशक्त संस्था बना सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सदन का अध्यक्ष चाहे किसी भी राजनीतिक दल से निर्वाचित होकर आए, किंतु पीठासीन अधिकारी के रूप में उसका आचरण पूर्ण...
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