कानपुर, अप्रैल 21 -- कानपुर इतिहास समिति ने विश्व विरासत दिवस पर रविवार को शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की पुरातत्व विरासत संपदाओं को सूचीबद्ध करने, संरक्षण करने और सांस्कृतिक पट्ट लगाने की मांग की। ओम कोचिंग कैनाल कॉलोनी गोविंद नगर में हुई बैठक में डॉ. शालिनी मिश्रा ने कहा कि नव पाषाण काल के पत्थरों के हथियार शहर के मूसानगर में मिले हैं। अनूप कुमार शुक्ल ने कहा कि सभ्यता विकास के दूसरे चरण धातु युग में शहर के दर्जन भर क्षेत्रों से तांबे के हथियार प्राप्त हुए। डॉ. नीलम शुक्ला ने कहा कि कानपुर में ही पहली बार इष्टिका मंदिरों में शिखर शैली का प्रयोग किया गया था। छठी सदी का भीतरगांव का मंदिर इसका मूक गवाह है। यहां शुभम त्रिपाठी, हर्षित सिंह बैस, कुणाल सिंह, डॉ. सुमन शुक्ला बाजपेई आदि मौजूद रहे।
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