बहराइच, फरवरी 12 -- बहराइच। अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को निरस्त किये जाने की मांग मांग को लेकर संयुक्त किशान मोर्चा ने कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा। राम कुमार वर्मा ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था एवं सामाजिक संरचना का मूल आधार गांव और किसान हैं। प्रस्तावित व्यापार समझौते के संदर्भ में किसानों की सहमति, सुरक्षा एवं हितों के संरक्षण को लेकर गंभीर आशंकाएं उत्पन्न हुई हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका की कृषि व्यवस्था भारी सब्सिडी, पूर्ण मशीनीकरण एवं बड़े कॉर्पोरेट फार्म मॉडल पर आधारित है। यदि भारत द्वारा सोयाबीन, मक्का, गेहूं, डेयरी उत्पाद एवं दलहन आदि पर आयात शुल्क में कमी की जाती है, तो सस्ती अमेरिकी कृषि उपज भारतीय बाजारों में प्रवेश करेगी, जिससे पहले से ही न्यूनतम समर्थन मूल्य ...