सहरसा, जनवरी 5 -- सहरसा। रविवार को गायत्री शक्तिपीठ में व्यक्तित्व परिष्कार सत्र आयोजित हुआ। सत्र को संबोधित करते हुए डाक्टर अरुण कुमार जायसवाल ने शिक्षा और ज्ञान के संबंध में कहा कि जानकारी जब अनुभव में उतरता है वह ज्ञान है। शिक्षा वह पढ़ाई है जो आप हम से सुन रहे हैं वह जानकारी है ज्ञान नहीं है। जानकरी जब अनुभव में उतरता है तो वह ज्ञान बनता है। शिक्षक पढ़ाते हैं आप जो पढ़ाई करते हैं उसे जीवन मे उतारें। सिर्फ आप पढ़ाई कर रहे हैं तो परीक्षा आपको बोझ लगेगी अगर आप उसे अनुभव में उतार लिया तो प्रश्न छूटेगा नहीं। उन्हों ने कहा शांति और अशांति मन में रहती है। भागता हुआ मन संसार है और ठहरा हुआ मन आध्यात्म है। इस अवसर पर मुम्बई से आए प्रवीण सर्राफ, निर्मला सर्राफ, तनिषा वेदांत ने भी स्थिर मन और भागता हुआ मन पर अपने अपने विचार रखे। इस अवसर पर शक्ति...