बिजनौर, जुलाई 10 -- डीएम जसजीत कौर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि संभव अभियान-2025 को जिले में प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि सतत विकास लक्ष्य 02 का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030 तक कुपोषण की दर में उल्लेखनीय कमी लाना है। जिसके अंतर्गत 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों में नाटेपन की दर 40 प्रतिशत तथा दुबलापन की दर को 5 प्रतिशत से कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा सतत विकास लक्ष्य 03 के अंतर्गत विशेष रूप से नवजात शिशु मृत्यु दर को प्रति 1000 जीवित जन्मों पर 12 से कम तथा 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की दर को प्रति 1000 जीवित जन्मों पर 25 से काम करने का लक्ष्य निर्धारित है। डीएम ने बताया कि एकीकृत बाल विकास विभाग द्वारा कुपोषण से ग्रसित बच्चों एवं माताओं को समयबद्ध एवं सुसंगठित सेवाएं प्रदान...
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