नई दिल्ली, मई 15 -- उत्तर प्रदेश के संभल जिले में चकबंदी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ही करोड़ों की सरकारी जमीन का बंदरबांट कर दिया। इसके बाद जमीन की फाइलें भी गायब कर दीं। इन लोगों ने 58 व्यक्तियों को 326 बीघा सरकारी जमीन अवैध रूप से आवंटित कर दी। जबकि इनमें से कोई भी व्यक्ति इलाके का नहीं मिला है। सभी व्यक्तियों के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। इस बड़ी धोखाधड़ी मामले में चकबंदी विभाग के चार कर्मचारियों को फिलहाल गिरफ्तार किया गया है। संभल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार ने पत्रकारों को बताया कि यह धोखाधड़ी गुन्नौर थाना क्षेत्र में हुई है। अधिकारी ने कहा कि चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने सुखैला गांव में जमीन की हेराफेरी की। इसे आधिकारिक तौर पर निर्जन घोषित किया गया था। लेखपाल कुलदीप सिंह ने प्रारंभिक शिकायत दर्ज की। इसके बाद 201...
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