नई दिल्ली, अगस्त 28 -- संभल हिंसा की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण है और अनुकरणीय भी। यह महत्वपूर्ण इसलिए है कि इससे संभल की बदलती जनसांख्यिकीय हकीकत का कुछ पता चलेगा और अनुकरणीय इसलिए कि इस रिपोर्ट के आधार पर संभल में सुधार के प्रयासों को तेज किया जा सकेगा। इस पूरी रिपोर्ट को नकारात्मकता के साथ देखने के बजाय इससे जरूरी संदेश ग्रहण करना चाहिए। वक्त के साथ किसी भी स्थान की जनसांख्यिकीय में बदलाव आता है और अगर संभल में भी आया है, तो उस पर गौर करने की जरूरत है। बदलती जनसांख्यिकीय को लोग अपने-अपने ढंग से देखेंगे। ध्यान रखने की बात है कि पिछले वर्ष संभल हिंसा की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित हुई थी। इसने लगभग 450 पृष्ठों की रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें संभल में होने वाले दंगों की भी विवेचना है। पिछले साल 24 नवंबर को यहां जो हिंसा हुई थी, उसे ल...
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