नई दिल्ली, जनवरी 6 -- नई दिल्ली। चित्रकार सुजाता अग्रवाल ने अपनी चार दशकों से अधिक की कलात्मक यात्रा को साझा करते हुए कहा कि उनके लिए चित्रकला एक ध्यानपूर्ण अभ्यास है, जो विचार, चेतना और आंतरिक जागरूकता की निरंतर खोज से प्रेरित है। सुजाता की कलाकृतियां मानवता, आध्यात्मिकता और प्रकृति के प्रति लगाव से ओत-प्रोत है। वे प्रकृति को ज्ञान और संतुलन का जीवंत स्रोत मानती हैं। उनका कहना है कि पेंटिंग उनके लिए एक ध्यान का अभ्यास है, जहां मौन, अंतर्ज्ञान और भावनाएं रंगों तथा संरचना के माध्यम से रूप लेती हैं।
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