नई दिल्ली, जनवरी 7 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। भारतीय प्रौ‌द्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के जैविक विज्ञान एवं जैव अभियांत्रिकी विभाग में प्रोफेसर तथा डीबीटी-वेलकम ट्रस्ट इंडिया एलायंस की सीनियर फेलो प्रोफेसर बुशरा अतीक का शोध कैंसर रोगियों के इलाज में काफी सहायक सिद्ध हुआ है। वर्ष 2025 के लिए इनके नाम की घोषणा घनश्याम दास बिड़ला पुरस्कार के लिए हुई है। प्रो. बुशरा अतीक एक बायोमेडिकल अनुसंधान कार्यक्रम का नेतृत्व करती हैं। इसका उद्देश्य कैंसर रोगियों के लिए अगली पीढ़ी के निदान और उपचारात्मक रणनीतियों का विकास करना है। प्रो.अतीक आईआईटी कानपुर की अंतरराष्ट्रीय संबंधों की डीन भी हैं, जहां वह वैश्विक-शैक्षणिक साझेदारियों को आगे बढ़ाते हुए विश्व की अग्रणी संस्थाओं के साथ सहयोग स्थापित करती हैं। प्रोफेसर बुशरा के अग्रणी शोध ने विशेष रूप स...