नई दिल्ली, जनवरी 6 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिक खारिज होने के बाद जेएनयू परिसर में हुई नारेबाजी को शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने अत्यंत निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है, लेकिन हिंसा, उकसावे और व्यक्तिगत या वैचारिक हिंसा की राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता। आशीष सूद ने कहा कि लोकतंत्र में आप शिक्षा नीति पर चर्चा कीजिए, वित्तीय नीतियों पर बहस कीजिए, अन्य जनहित के मुद्दों पर संवाद कीजिए, लेकिन जो लोग देश को तोड़ने की साजिश करते हैं, उनके प्रति कोई सहानुभूति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शरजील इमाम वही व्यक्ति है जिसने 'चिकन नेक' काटकर पूर्वोत्तर भारत को देश से अलग करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों को राजनीतिक संरक्षण इसलिए मिलता है क्योंकि इस विधानसभ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.