नई दिल्ली, दिसम्बर 11 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता जन्मजात आनुवांशिक बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाली नसें प्रभावित) से पीड़ित बच्चों के लिए अच्छी खबर है। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि दो से 18 वर्ष के बीच के बच्चों के लिए जीन ट्रांसफार थेरेपी फायदेमंद हो सकती है। इसके तहत इंट्राथेकल ओनासेम्नोजेन एबेपारवोवेक (ओएवी101आईटी) दवा मरीजों को दी जाती है। अध्ययन के दौरान 14 देशों के 29 अस्पतालों में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (एसएमए) से पीड़ित बच्चों पर फेज तीन ट्रायल किया गया। इस ट्रायल में एम्स का पीडियाट्रिक विभाग भी शामिल था। इसलिए एम्स में भी यह ट्रायल हुआ। इस शोध में पाया गया कि एसएमए से पीड़ित बच्चों को यह दवा देने पर धीरे-धीरे फायदा होता है और चलने फिरने की क्षमता में सुधार होता है। यह शोध मेडिकल जर्...