नई दिल्ली, जनवरी 5 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। प्रसिद्ध चित्रकार सुजाता अग्रवाल ने अपनी चार दशकों से अधिक की कलात्मक यात्रा को साझा करते हुए कहा कि उनके लिए चित्रकला एक ध्यानपूर्ण अभ्यास है, जो विचार, चेतना और आंतरिक जागरूकता की निरंतर खोज से प्रेरित है। सुजाता अग्रवाल की कलाकृतियां मानवता, आध्यात्मिकता और प्रकृति के प्रति गहन श्रद्धा से ओत-प्रोत हैं। वे प्रकृति को ज्ञान और संतुलन का जीवंत स्रोत मानती हैं। उनका कहना है कि पेंटिंग उनके लिए एक ध्यान का अभ्यास है, जहां मौन, अंतर्ज्ञान और भावनाएं रंगों तथा संरचना के माध्यम से रूप लेती हैं। उनकी रचनाएं रंगों की सूक्ष्मता और संतुलित कम्पोजीशन से दर्शकों को शांति और चिंतन की ओर ले जाती हैं।
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