नई दिल्ली, जनवरी 5 -- नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। चावल निर्यातकों ने सरकार से आगामी बजट में कर, ब्याज और व्यापार में प्रोत्साहन दिए जाने की मांग की है। भारतीय चावल निर्यातक संघ (आईआरईएफ) ने चावल की महंगी किस्मों को बढ़ावा देने की भी मांग की है, ताकि किसानों की आय बढ़ सके। भारतीय चावल नर्यिातक संघ ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट जारी होने से पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र भेजा है। उन्होंने देश के कृषि उत्पादों के निर्यात में चावल उद्योग के महत्व को बताते हुए कहा है कि चावल के वैश्विक व्यापार में अकेले भारत का हिस्सा 40 फीसदी है। बीते साल में भारत ने 170 से अधिक देशों को 20.1 मिलियन टन चावल का निर्यात किया है। चावल की खेती का किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण आजीविका, रोजगार सृजन और विदेशी मुद्रा कमाने में महत्वपूर्ण योगदान है।

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