हजारीबाग, फरवरी 2 -- बरकट्ठा, प्रतिनिधि। मन चंगा तो कठौती में गंगा की संदेश से समाज को आत्मशुद्धि, मानवता और समता का मार्ग प्रशस्त करने वाले संत शिरोमणि सतगुरु रविदास महाराज की 649 वीं जयंती प्रकाश पर्व के रूप में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर जुलूस भी निकाला गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने संत रविदास महाराज के विचारों को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी दिव्य वाणी और कर्मप्रधान दर्शन के माध्यम से समाज में व्याप्त ऊंचनीच, छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि मन की पवित्रता ही सबसे बड़ा तीर्थ और सच्चा धर्म मानवता से जुड़ा होता है। कार्यक्रम में संत रविदास को मानवता, समरसता और समानता का महान प्रतीक बताते हुए कहा गया कि उनके विचार आज भी समाज को प्रेम, भाईचारा, सत्य और सद्भा...
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