हरिद्वार, फरवरी 17 -- सप्तऋषि स्थित हरिसेवा आश्रम में आयोजित बैठक में संतों ने एक स्वर में कहा कि संत समाज और सनातन का अपमान किसी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। मंगलवार को संतों ने सनातन धर्म संस्कृति के प्रचार-प्रसार, संरक्षण और संवर्धन को लेकर चर्चा की। इसकी अध्यक्षता करते हुए श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के श्रीमहंत दुर्गादास ने कहा कि धर्म-संस्कृति की रक्षा करना अखाड़ों का प्रमुख दायित्व है। सभी अखाड़े देशभर के संत समाज को एकजुट कर सनातन पर हो रहे हमलों का विरोध करेंगे। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने आरोप लगाया कि वर्तमान में विभिन्न तरीकों से सनातन और संतों को अपमानित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे संत समाज मिलकर रोकेगा। हरिसेवा आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद ने कहा कि संतो...