गाजीपुर, अगस्त 29 -- दिलदारनगर। अघोर सेवा मंडल गिरनार आश्रम के संस्थापक अवधूत सिंह शावक राम बाबा का 23 वां महानिर्वाण दिवस गुरुवार को आश्रम के सभागार कक्ष में मनाया गया। समारोह में हिंदू पीजी कालेज के आचार्य अखिलेश शर्मा शास्त्री ने कहा कि समाज का भला संतो ने ही किया है। संत महात्मा की शरण में जाने से पाप कर्म कम होता है और पुण्य कर्म बढ़ता है। बाबा शावक राम करुणा और दया की मूर्ति थे। गुरु के आदर्शों पर चलकर पीड़ित मानवता की सेवा के लिए अघोर सेवा मंडल की स्थापना की। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उमा निवास मिश्रा ने कहा कि भारत की परंपरा ऋषि परंपरा की रही है। अघोर परंपरा भगवान शिव से जुड़ा है। क्योंकि भगवान शिव का पांचवा मुख अघोर है। समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने और लोक कल्याण का कार्य बाबा ने किया। साथ ही गुरु शिष्य परंपरा का निर्वहन भी कर ...