रिषिकेष, जून 4 -- तीर्थनगरी के संत बुधवार को परमार्थ निकेतन आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती के जन्मदिन पर धर्म और प्रकृति की रक्षा का संदेश दिया। बुधवार को ऋषिकेश संत समाज से जुड़े कई संत परमार्थ निकेतन पहुंचे। वहां उन्होंने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती को उनके जन्मदिन पर बधाई दी। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि यह जीवन परमात्मा का उपहार है और सेवा ही सबसे बड़ी उपासना है और प्रकृति की रक्षा ही आज का सबसे बड़ा धर्म है। जगद्गुरू स्वामी कृष्णाचार्य ने कहा कि स्वामी चिदानन्द सरस्वती हमारे ऋषिकेश के गौरव है और गंगा सहित अन्य पवित्र नदियों के तटों पर आरती के माध्यम से अपनी गौरवान्वित उपस्थिति रखने वाले संत हैं। ऐसे उदार चरित्र वाले पूज्य संतों से भारत भूमि पवित्र है। सभी को एक सूत...
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