रिषिकेष, जनवरी 21 -- सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन हुई घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि धर्म में परंपरा और शास्त्रों का पालन सर्वोपरि है। नृरसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि जो भी शास्त्र विरुद्ध कार्य करता है, उसे उसका फल अवश्य भोगना पड़ता है। कहा कि वे हमेशा पैदल चलकर ही स्नान करते हैं, क्योंकि यही शास्त्रों में वर्णित विधि है। जो शास्त्र के विरुद्ध करेगा, उसे न सुख मिलेगा, न शांति मिलेगी और न ही उसे सद्गति प्राप्त होगी। अगर अविमुक्तेश्वरानंद भारी भीड़ का सम्मान कल्पवासियों का मन और भारतीय संस्कृति एवं हिंदू धर्म के माघ मेला महापर्व को भव्य बनाने के लिए 50 फीट पैदल चलकर स्नान कर लेते तो क्या कुछ बिगड़ जाता। संतों ...
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