रांची, दिसम्बर 18 -- रांची, वरीय संवाददाता। झारखंड विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जुटान) ने राज्य के विश्वविद्यालयों की अवकाश तालिका को तर्कसंगत बनाने की मांग करते हुए कुलाधिपति का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है। संघ का कहना है कि शिक्षकों को बिना ग्रीष्मावकाश के नई अवकाश तालिका किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं होगी। संघ के अनुसार, विश्वविद्यालय शिक्षकों की भूमिका केवल कक्षा शिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि शोध कार्य, पाठ्यक्रम अद्यतन, अकादमिक लेखन, मूल्यांकन और वैश्विक शैक्षणिक प्रवृत्तियों से निरंतर जुड़े रहने की भी होती है। जुटान ने कुलाधिपति से आग्रह किया है कि बिहार की तर्ज पर झारखंड के विश्वविद्यालयों के लिए भी अवकाश तालिका निर्धारित की जाए। संघ की मुख्य मांग है कि शैक्षणिक कैलेंडर में 30 दिनों के ग्रीष्मावकाश का स्पष्ट एवं नियमित प्रावधान अनिव...