वाराणसी, जनवरी 30 -- वाराणसी, अरविंद मिश्र। देश ही नहीं विदेश के भी साहित्य-कला प्रेमियों के जमावड़े का केंद्र बन चुके साहित्योत्सव बनारस लिट् फेस्ट का शानदार अनौपचारिक आगाज अस्सी घाट पर सुर, ताल और झनकार में मुखर हुए आनंद तांडव से हुआ। गुरुवार शाम हजारों संगीत प्रेमियों ने सांगीतिक आनंद के इन पलों को यादगार बना दिया। खास यह कि देसी-विदेशी कलाकारों से सजे काशी के कलेक्टिव बैंड ने शास्त्रीय अंदाज वाले फ्यूजन का चस्का युवाओं को लगा दिया। अंतरराष्ट्रीय ख्याति के युवा सितार वादक पं.देवव्रत मिश्र के नेतृत्व में कलेक्टिव बैंड के कलाकारों ने भारतीय और पाश्चात्य वाद्ययंत्रों के बीच सुरीले तालमेल का अद्भुत उदाहरण पेश किया। टीम ने राग यमन में बंदिश से शुरुआत की। 'सांसों की माला' गीत को जैसे ही सुर दिया मौजूद जनसमुदाय ने उनके साथ सुर मिलाना शुरू कर ...