बलिया, अप्रैल 27 -- बिल्थरारोड, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के चंदाडीह गांव स्थित मातेश्वरी सोनकली मंदिर में चल रहे हवनात्मक शतचंडी महायज्ञ के पांचवें दिन शनिवार की शाम कुशीनगर से आए कथावाचक वीरेंद्र तिवारी ने श्रीराम-सीता विवाह की संगीतमयी कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को विभोर कर दिया। महाराज ने प्रवचन में बताया कि सीता स्वयंवर के लिए देश- विदेश के राजाओं का जनकपुर में जमावड़ा हुआ। भरे दरबार में राजा जनक ने घोषणा किया कि जो भी शिव धनुष को भंग करेगा, उसी के साथ सीता का विवाह होगा। यह सुन सभी राजाओं ने धनुष तोड़ने की कोशिश की, किंतु धनुष टस से मस नहीं हुआ। इसी बीच गुरु वशिष्ठ की आज्ञा प्राप्त कर श्रीराम ने पलक झपकते ही धनुष को उठाकर तोड़ डाला। देवताओं ने पुष्प वर्षा कर मंगल कामना की। उधर महायज्ञ में मानवता की कल्याण के लिए पावन आहुतियां दी जा रही...
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