वाराणसी, दिसम्बर 13 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। काशी तमिल संगमम् 4.0 में पहली बार नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिद्धा, चेन्नई की ओर से स्टॉल संख्या 67 और 68 पर प्राचीन चिकित्सा पद्धति 'सिद्धा' के जरिए नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है। जहां प्रतिदिन लगभग 300 मरीज इस पद्धति का लाभ ले रहे हैं। इन दोनों स्टॉलों पर कुल सात चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट और एक सहायक तैनात हैं। इस पद्धति के विशेषज्ञ डॉ. अरुणेश, डॉ. अरिहरि कृष्णन, डॉ. एस.बग्गियावेलन सहित अन्य शामिल हैं। डॉ. अरिहरि कृष्णन ने बताया कि सिद्धा दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु की अत्यंत लोकप्रिय और प्राचीन चिकित्सा पद्धति है। यह भारत में कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त पांच प्रमुख चिकित्सा प्रणालियों में से एक है। इस प्रणाली की शुरुआत 5वीं शताब्दी ईसा पूर्व मानी जाती है। इसका उल्लेख प्राचीन ग्रंथ 'थोल्काप...