वाराणसी, दिसम्बर 8 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। बीएचयू के ओंकारनाथ ठाकुर ऑडिटोरियम में रविवार को संगमम् के तहत आयोजित शैक्षणिक सत्र में कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) पर लाइव प्रस्तुति एवं प्रशिक्षण सत्र भी हुआ। डिमास्ट्रेशन सीपीआर विशेषज्ञ डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने दिया। उन्होंने कहा कि हृदयगति रुकने के बाद शुरुआती 3-5 मिनट निर्णायक होते हैं। यदि इस दौरान सही तकनीक से सीपीआर दिया जाए तो जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सीपीआर एक आपातकालीन जीवनरक्षक प्रक्रिया है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति की हृदय गति या सांस अचानक रुक जाए। उन्होंने कहा कि सीपीआर किसी मेडिकल प्रोफेशनल की नहीं, हर आम नागरिक की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम समन्वयक बीएचयू के रजिस्ट्रार डॉ. नीरज त्रिपाठी, नोडल अधिकारी अंचल श्रीवास्तव तथा आनंद...