वाराणसी, दिसम्बर 9 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। 'तमिल सीखें: तमिल करकलाम' के तहत नमो घाट पर फूल और दीया बेचने वाले बच्चे भी उत्साह से तमिल सीख रहे हैं। तमिल में गिनती सीखते हुए उन्हें विशेष आनंद आ रहा है। तभी तो हिंदी में 'एक, दो, तीन...' के साथ साथ तमिल में 'ओरु, रंडु, मून्नु...' उछल-उछल कर दोहरा रहे।. आईआईटी मद्रास के विद्याशक्ति प्रकल्प के तहत डॉ.शिवा भी बच्चों की उत्सुकता को समझते हुए उन्हीं के अंदाज में सिखाने में प्रयत्नशील दिखे। तमिल में गिनती और सरल वाक्य सीखने से उन्हें तमिल श्रद्धालुओं को संख्या और कीमत बताने में आसानी होगी। इससे उनकी बिक्री और संवाद दोनों बेहतर होंगे। सत्र के बाद वेदपाठी बटुकों के लिए एक लघु सत्र हुआ। इसमें उन्हें तमिल के पांच शब्द सिखाए गए। ये पांच शब्द अप्पा (पिता), अम्मा (माता), मगन (बेटा), मगल (बेटी) और सगो...
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