बाराबंकी, दिसम्बर 8 -- निन्दूरा। क्षेत्र के बिसाई गांव स्थित बाबा रामप्रसाद दास कुटी पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा का सोमवार को समापन किया गया। कथावाचक अयोध्या धाम से पधारे महेश दास ने पंडाल में मौजूद श्रोताओं को जामवंत विवाह की कथा सुनाइए। कहा कि श्रीकृष्ण और जामवंत दोनों ही पराक्रमी थे। युद्ध करते हुये गुफा में 28 दिन बीत गए। कृष्ण की मार से महाबली जामवंत की नस टूट गई। वह अति व्याकुल हो उठा और अपने स्वामी श्री रामचन्द्र जी का स्मरण करने लगा। जामवंत के द्वारा श्रीराम के स्मरण करते ही भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीरामचन्द्र के रूप में उसे दर्शन दिये। जामवंत उनके चरणों में गिर गया और बोला हे भगवान, अब मैंने जाना कि आपने यदुवंश में अवतार लिया है श्री कृष्ण ने कहा हे जामवंत तुमने मेरे राम अवतार के समय रावण के वध हो जाने के पश्चात मुझसे युद्ध करने की ...