बाराबंकी, जनवरी 14 -- मसौली। क्षेत्र के कस्बा स्थित बाबा राम शरण दास भगवत दास कुटी हनुमान मंदिर पर चल रही विराट रूद्र महायज्ञ के दसवें दिन प्रवाचक स्वामी प्रमोदानंद महाराज ने गोकर्ण ब्राह्मण की कथा का मार्मिक वर्णन किया। स्वामी जी ने कहा कि सुखदेव से पहले गोकर्ण नामक ब्राह्मण ने श्रीमद भगवत कथा सुनाई है। गोकर्ण जो कि आत्मदेव नाम के ब्राह्मण के पुत्र थे। आत्मदेव ने अखंड तपस्या करके दो पुत्रों की प्राप्ति हुई थी। जिसमें एक नाम धुंधकारी व दूसरे गोकर्ण थे। धुंधकारी बहुत बड़ा अत्याचारी तो गोकर्ण बहुत बड़े विद्वान ब्राह्मण थे। धुंधकारी ने माता पिता पर बहुत अत्याचार किया जिससे माता पिता की अकाल मृत्यु हो गई। तब गोकर्ण ने गंगा किनारे सभी का पिंडदान किया। उसके पश्चात घर पर गोकर्ण को एक धुंआ सी आकृति दिखाई दी लेकिन उसमें बोलने की क्षमता नहीं। क्योंकि...