आरा, नवम्बर 27 -- आरा, निज प्रतिनिधि। शहर के रमना मैदान हनुमान मंदिर परिसर में राष्ट्रीय महिला परिषद माचा स्वामी महिला सेवा समिति की ओर से आयोजित श्री सीताराम विवाह महोत्सव के पांचवें दिन सुबह के समय ज्योति पाठक, अनीश मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चार से विधिवत पूजन कराया। पूजा के बाद श्री रामचरित्र मानस पाठकर्ता शशिभूषण जी महाराज ने पाठ क़े माध्यम से कहा कि जब भरत जी प्रभु से मिलने चित्रकूट जा रहे थे तो देवताओं क़े राजा इन्द्र ने गुरु वृहस्पति से कहा कि गुरुदेव भरत जी क़े स्नेह में यदि श्रीराम अयोध्या लौट गए तो हम सभी देवता का कार्य सिद्ध नहीं होगा। इसके बाद श्रीराम और श्रीभरत जी क़े बीच माया डालने की बात कहीं गई ताकि दोनों मे मुलाक़ात नहीं हो। तब वृहस्पति ने कहा आप हजार आंख होने क़े वावजूद अंधे है। संसार राम राम जपता है और राम भरत भरत जपते है। जो भ...