शामली, दिसम्बर 10 -- जल जीवन का स्रोत है, जो शरीर को शुद्ध करता है और आत्मा को पवित्र बनाता है; यह ईश्वरीय उदारता और उपचार का प्रतीक है। जल को देवालय माना जाता है, जिसमें अग्नि, इंद्र जैसे देवता समाहित हैं; यह पृथ्वी, आकाश और औषधियों सहित हर स्थान को पवित्र करता है। थानाभवन नगर के मौहल्ला कंभोयान में स्थित विश्वकर्मा मंदिर प्रांगण में श्री सनातन शिव शक्ति हनुमान मंडल के तत्वाधान आयोजित होने वाले साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रम में बोलते हुए मंडल के मुख्य प्रवक्ता व कथा वाचक राज राजेश्वर महाराज ने कहा अध्यात्म में इतनी शक्ति है कि यह किसी के भी जीवन को बदल सकता है। यह हमारे जीवन को धीरे-धीरे ही सही मगर इतने गहरे रुप में बदलता है कि हम दूसरों व स्वयं के लिए विशेष बन जाते हैं । मन और जल का आध्यात्मिक संबंध बहुत गहरा है; जल पवित्रता, जीवन, शांति औ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.