सीवान, फरवरी 6 -- हसनपुरा, एक संवाददाता। प्रखंड के गायघाट में चल रहे पांच दिवसीय श्री रूद्र महायज्ञ का समापन बुधवार की रात भक्ति और श्रद्धा के वातावरण में हुआ। महायज्ञ के अंतिम दिन प्रयागराज से पधारी सुप्रसिद्ध कथावाचिका त्रिपाठी साधना शास्त्री ने श्रीराम द्वारा अहिल्या उद्धार, जनकपुर भ्रमण, धनुष भंजन एवं सीताराम वरमाला प्रसंग का अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण वर्णन किया। कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालु कथा श्रवण कर भावविभोर हो उठे और पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयघोष से गूंजता रहा। कथावाचिका ने अहिल्या उद्धार प्रसंग के माध्यम से यह संदेश दिया कि प्रभु श्रीराम की कृपा से पतित से पतित व्यक्ति का भी उद्धार संभव है। इसके बाद जनकपुर भ्रमण का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि माता सीता के स्वयंवर हेतु देश-विदेश से आए राजाओं और ऋषियों से जनकपुरी की शोभा ...
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