देवघर, फरवरी 14 -- मधुपुर। स्थानीय पंचमंदिर के दुर्गा मंदिर प्रांगण में चल रहे नवाह्न पारायण यज्ञ और श्री राम कथा के सातवें दिन कथा वाचक मधुसूदन शास्त्री ने श्री राम जानकी विवाह का बड़ा ही मनमोहक वर्णन सुनाया। इसके पूर्व धनुष भंग और परशुराम लक्ष्मण संवाद का प्रसंग भी भाव विभोर होकर श्रोताओं ने सुना। कथावाचक ने बताया कि यह विवाह आज तक आदर्श विवाह के रूप में वर्णित होता है। वर राम और दुल्हन जानकी के रूप में देखे जाते हैं। हमारे लोकगीतों में यह स्पष्ट दिखाई पड़ता है। भगवान श्री राम ने महाराज दशरथ से दहेज में यह मांगा की जो भी अयोध्या के अविवाहित विवाह योग्य युवा आए हैं उनका जनकपुरी में विवाह हो जाए तभी बारात वापस लौटेगी। कथावाचक ने संदेश में यह कहा कि विवाह एक प्रसंग नहीं है यह आदर्श की पराकाष्ठा है। हमें श्री राम जानकी के चरित्र से प्रेरणा ...