बाराबंकी, फरवरी 10 -- कुटिया पर 11 पुरोहितों ने संपन्न कराई पूजा टिकैतनगर। श्री रामार्चा पूजा का अपना एक अलग महत्व है। रामानंद संप्रदाय से जुड़े प्रत्येक वैरागी के लिए लिए यह पूजा सबसे बड़ी पूजा में से एक मानी जाती है। भगवान राम की सबसे बड़ी पूजा है श्रीरामार्चा पूजा: इस श्रीरामार्चा पूजा को राम भगवान के उपलक्ष्य में की जाने वाली पूजा में सबसे बड़ी पूजा माना जाता है। इसमें मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के साथ साथ उनके परिकर की आराधना और उपासना कर उनका विधिवत अर्चन और पूजन किया जाता है। इस पूजन की पूजा पद्धति काफी कठिन होने के चलते इसे बहुत कम ही यजमान इस पूजन को अपने जीवन काल में सम्पन्न करवा पाते हैं। साधु संतों की मान्यता है कि आज भी ब्रह्मलोक में निरंतर यह रामार्चा पूजा चला करती है। कुटिया पर 11 पुरोहितों ने संपन्न करवाया श्रीरामार्चा पूजन:...
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