सीतापुर, मार्च 18 -- महमूदाबाद, संवाददाता। श्री रामचरित मानस में चरित्र और काव्य दोनों के गुण दिखाई पड़ते हैं। सुंदरकांड का पाठ करने से व्यक्ति के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है और मानसिक तनाव भी दूर हो जाता है। सुंदरकांड में तुलसीदास जी ने राम भक्त हनुमान जी द्वारा की गई सीता माता की खोज का वर्णन बहुत सुंदर ढंग से किया है। हनुमान जी चिरंजीवी है और कलयुग के देवता हैं। ऐसे में सुंदरकांड का पाठ करने से प्रभु श्री राम और हनुमान जी दोनों प्रसन्न होते हैं। इस कांड के पाठ को भक्तिभाव से करने पर व्यक्ति को बल, बुद्धि और विद्या की प्राप्ति होती है। मंगलवार को सीता ग्रुप ऑफ एजूकेशन के शास्त्री सभागार में जय मां वैष्णो जागरण ग्रुप के कलाकार हरिनाम राठौर अटल, ओम प्रकाश गुप्त, नवनीत पाण्डेय, तुषार तिवारी ने संगीतमयी सुंदरकांड का पाठ किया। भवानी शंकर त...
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