टिहरी, जुलाई 12 -- श्रीमद्भागवत महापुराण कथा वाचक आचार्य प्रदीप कोठारी ने कहा कि आज समाज में व्याप्त कुरेतियों को दूर करने का मार्ग कथा व सत्संग के मध्याम है। समाज में जन जागरुकता व मानव जीवन में उन्नति का मार्ग सत्संग से प्रशस्त होता है। कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार व धर्म की हानि होती है, तो स्वयं भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर अधर्मियों का नाश करते हैं। इस मौके पर आचार्य रामेश्वर प्रसाद कोठारी, हरीश नौटियाल, पंकज नौटियाल, दीपक नौटियाल, प्रदीप नौटियाल, मदन नौटियाल, सागर रावत आदि मौजूद रहे।
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