गोरखपुर, जून 6 -- हाटा बाजार, हिन्दुस्तान संवाद। गगहा क्षेत्र के बेलादार गांव में सप्त दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन गुरुवार को वृन्दावन धाम से पधारे आचार्य अच्युतानंद त्रिपाठी वेदांती ने कंस वध की कथा सुनाई। साथ ही रुक्मिणी विवाह के प्रसंगों के साथ संक्षेप में गोपियों के प्रेम, ब्रज से मथुरा गमन का चित्रण किया। उन्होंने ने कहा कि बिना पृथ्वी लोक में भगवान विष्णु के अवतरित होने के कई कारण थे, जिसमें एक कंस के अत्याचारों से पृथ्वी वासियों को मुक्त करना भी था। कंस ने बाल्यावस्था में ही श्री कृष्ण को अनेकों बार मारने का प्रयास किया लेकिन हर प्रयास भगवान के सामने असफल साबित होता रहा। कहा कि कंस का वद्ध कर प्रभु ने उसका उद्धार किया। कृष्ण ने अपने माता-पिता वासुदेव व देवकी और महाराज अग्रसेन को कारागार से मुक्त कराने के साथ महाराज...
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