आगरा, अक्टूबर 5 -- भक्ति, प्रेम और आनंद से परिपूर्ण वातावरण चौथे दिन कथा व्यास गोपालाचार्य महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की अद्भुत लीलाओं, दिव्य शक्तियों और जीवन के गूढ़ रहस्यों का मधुर वर्णन किया। रामलाल वृद्धाश्रम एवं गोशाला की सेवा व्यवस्था और समाजसेवा की प्रेरक झलकियां, श्रीराम कथा एवं भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का मंगल वर्णन, प्रह्लाद चरित्र एवं नरक लोकों का रहस्य आदि का वर्णन किया गया। कथा के अंत में पूरा परिसर भक्ति और भावनाओं से सराबोर हो उठा। भक्तों की आंखें श्रद्धा और प्रेम से नम हो गईं। सभी श्रोता भगवान श्रीकृष्ण के मुखारविंद के दर्शन में ऐसे लीन हुए मानो समय ठहर गया हो। राजा रानी के प्रेमपूर्ण भाव और समर्पण ने पूरे वातावरण को भक्ति रस से अभिषिक्त कर दिया। पवन गर्ग, प्रदीप गर्ग, विकास गर्ग, परम गर्ग, पारुल गर्ग, देवेंद्र गर्ग, राजकु...