गंगापार, जून 14 -- वर्षा ऋतु के कारक और आध्यात्मिक माह आषाढ़ की शुरुआत हो गई। इस माह में भगवान शिव, विष्णु, मां लक्ष्मी और सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व है। यह महीना विष्णु भगवान और सूर्यदेव को समर्पित है। आषाढ़ महीना आरम्भ होने के साथ ही साधक द्वारा मंदिरों में हवन-यज्ञ के आयोजनों का क्रम शुरू हो गया है। ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक आधार भी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हवन या यज्ञ से देवताओं को आहुति दी जाती है। इससे प्रसन्न होकर देवी देवता साधकों के सभी मनोरथ पूर्ण करते हैं। वहीं वैज्ञानिक आधार यह है कि ऋतुओं के संधिकाल में बढ़ने वाले जीवाणुओं, कीट-पतंगों को हवन का धुआं नष्ट कर देता है। यह महीना सेहत के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। व्रतों व सूर्य पूजा के जरिए आहार व दिनचर्या पर संयम रख स्वास्थ्य ...
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