वाराणसी, फरवरी 8 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। श्रीलंका में हाथी की चाल पर आधारित लोकनृत्य डांस थेरेपी की अद्भुत मिसाल है। इससे साबित होता है कि लोक संस्कृति का अहम हिस्सा माना जाने वाला नृत्य चाहे भारत का हो अथवा किसी अन्य देश का, उसके पीछे बहुत ही सटीक वैज्ञानिक आधार है। ये बातें श्रीलंका में दो दशकों से कार्यरत डांस थेरेपिस्ट डॉ. अंजलि मिश्रा ने कहीं। वह बीएचयू के संगीत एवं मंच कला संकाय में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन शुक्रवार को तकनीकि सत्र में पेपर प्रस्तुत कर रही थीं। ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में आयोजित सत्र में डॉ. मिश्रा ने अपने शोध के माध्यम से दावा किया कि इस लोकनृत्य से कैंसर, बीपी सहित कुल सात रोगों का उपचार संभव हुआ है। मनोरोंगों के उपचार में प्रकृति की निकटता और उसपर केंद्रित संगीत की भूमिका की सा...
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