कुशीनगर, जनवरी 24 -- कुशीनगर। नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक के पड़री मेहंदिया गांव में आयोजित नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ के चौथे दिन कथा वाचिका प्रियंका द्विवेदी ने प्रभु श्रीराम व सीता विवाह का कथा सुनाई। कथा वाचिका ने बताया कि त्रेतायुग में मिथला के राजा जनक ने एक स्वयंवर आयोजित किया। इस स्वयंवर में प्रभु श्रीराम ने शंकर भगवान के दिये हुये धनुष को तोड़े व इसके बाद जनक नंदनी सीता के साथ विवाह हुआ। कथा के दौरान यज्ञ यजमान सुनील सैनी, व्यवस्थापक राजू मद्धेशिया, नीरज, कन्हैया, लालबाबू, धनपाल आदि उपस्थित रहे। रात्रि में महराजगंज के निचलौल के बरोहिया से आए रामलीला मंडली के कलाकारों ने विवाह दृश्य का मंचन किया।

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