विकासनगर, नवम्बर 4 -- बावन बीघा में चल रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन कथा व्यास ने भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण और मनमोहक वर्णन किया। कथा के दौरान जब व्यास राजन महाराज ने श्रीराम और सीता के पावन मिलन का प्रसंग सुनाया, तो पंडाल जय श्रीराम और जय सीताराम के जयघोष से गूंज उठा। उन्होंने बताया कि यह प्रसंग केवल एक दिव्य विवाह का नहीं, बल्कि धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन मूल्यों का संदेश देने वाला है। भगवान श्रीराम ने माता सीता के साथ विवाह के माध्यम से यह सिद्ध किया कि विवाह एक पवित्र संस्कार है, जिसमें प्रेम, सम्मान और कर्तव्य का समन्वय होता है। कथा श्रवण के दौरान पंडाल में भक्ति और आनंद का अद्भुत वातावरण छा गया। श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर बार-बार जयघोष करते रहे। कथा का संचालन पंडित आचार्य अमित शर्मा ने किया। इ...
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