अयोध्या, नवम्बर 25 -- अयोध्या। 'कुअंरु कुअंरि कल भावंरि देहीं नयन लाभु सब सादर लेही, जाइ न बरनि मनोहर जोरी जो उपमा कछु कहौं सो थोरी..' अगहन पंचमी के पर्व पर मंगलवार को अयोध्या मिथिला धाम में परिवर्तित होती दिखाई दी। चतुर्दिक दिशाओं से भगवान श्रीराम व उनके अनुजों की बारात शोभायात्रा के रुप में निकाली गई । इस बारात को देखकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। सभी की निगाहें दूल्हा रुप में विराजित भगवान के स्वरुपों पर ही थी। भक्तगण उन्हीं स्वरुपों में आराध्य का दर्शन कर अपने नेत्रों को धन्य कर रहे थे। इसी अलौकिक पल का दर्शन करते हुए गोस्वामी बाबा ने लिखा 'सिय रघुवीर विवाह जे सप्रेम गावहिं सुनहिं, तिन्ह कहं सदा उछाह मंगलायतन राम जस.. '। विविध बैंड-बाजों व चकाचौंध करती रोड लाइटिंग से सुसज्जित भगवान की बारात दर्जनों मंदिरों कनक भवन, दशरथ राजमहल बड़ा स्थ...
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