सीतापुर, नवम्बर 27 -- रामपुर मथुरा, संवाददाता। कस्बा के पौराणिक मुरलीधर मंदिर प्रांगण में गोस्वामी तुलसीदास की स्मृति में लगने वाले वार्षिक मेले में सातवें दिन गुरुवार को श्रीराम विवाह, लक्ष्मण-परशुराम संवाद का मंचन किया गया। राजा जनक की प्रतिज्ञा को पूरा करने के लिए भगवान श्रीराम ने गुरुदेव की आज्ञा से धनुष को उठाया और बड़ी सहजता से तोड़ दिया। धनुष भंग होते ही माता जानकी द्वारा राम के गले में जय माल डाली गई। देवताओं ने आकाश से पुष्प वर्षा की। बीच में परशुराम जी आ गए, उनका क्रोध किसी के द्वारा संभाले नहीं संभल रहा था, अंत में स्वयं राम सम्मुख आए और विनती करते यह कहा कि आप हमसे बड़े हैं आपका नाम परशुराम है हमारा नाम तो केवल राम है, मुनिवर का क्रोध शांत हुआ। इस रोमांचकारी दृश्य को देखकर दर्शक मंत्र मुग्ध हो गए। एक पखवारे के इस मेले का आयोजन...
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