वाराणसी, जनवरी 3 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। भगवान भोलेनाथ भी श्रीराम के अनन्य भक्त हैं। भगवान शिव, श्रीराम के इतने बड़े भक्त हैं कि उन्होंने भगवती सती का त्याग इसलिए कर दिया क्योंकि उन्होंने श्रीराम की सर्वज्ञता पर संदेह किया। माता सीता का रूप धारण कर उनके आराध्य की परीक्षा ली। ये बातें जगद्गुरु डॉ.रामकमलाचार्य वेदांती ने गुरुधाम स्थित श्रीराम मंदिर में आयोजित कथा के पहले दिन शुक्रवार को कहीं। जगद्गुरु रामानंदाचार्य की 726वीं जयंती के उपलक्ष्य में हो रही श्रीरामकथा को विस्तार देते हुए उन्होंने कहा कि धरती पर ऐसी कोई भी जगह नहीं है जहां ईश्वर न हों। ईश्वर प्रत्येक जीवन में है। ऐसे में विचारणीय है कि जब हमारा ईश्वर सभी में समान रूप से विराजमान है तो फिर हमें किसी के प्रति भी ऊंच-नीच की भावना मन में नहीं लानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जगद्गुरु...
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