भागलपुर, दिसम्बर 10 -- बुद्धूचक थाना क्षेत्र के गोघट्टा उत्तर टोला स्थित काली मंदिर परिसर में जारी नौदिवसीय श्रीरामकथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन कथा स्थल श्रद्धा और भावनाओं से सराबोर रहा। अयोध्या धाम के कथा वाचक धनंजय वैष्णव जी महाराज ने श्रीराम जन्मोत्सव का दिव्य वर्णन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। महाराज ने बताया कि राजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए पुत्रकामेष्टि यज्ञ का आयोजन किया था। यज्ञ के उपरांत प्राप्त दिव्य प्रसाद खीर को रानियों कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा ने ग्रहण किया। इसके पावन फलस्वरूप चैत्र मास की नवमी तिथि को महारानी कौशल्या के गर्भ से भगवान श्रीराम, कैकेयी से भरत तथा सुमित्रा के गर्भ से लक्ष्मण और शत्रुघ्न का अवतरण हुआ। श्रीराम के जन्म के क्षण से ही अयोध्या नगरी सहित तीनों लोकों में उल्लास का अद्भुत वातावरण ...