शामली, फरवरी 12 -- नगर के प्राचीन दयाल आश्रम में ब्रह्मलीन सती बाबा दयाल शाह महाराज की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रीराम कथा के पांचवें दिन कथा व्यास मनोज महाराज ने श्रीराम-सीता विवाह की आध्यात्मिक व्याख्या की। उन्होंने कहा कि श्रीराम चेतना और माता सीता प्रकृति का प्रतीक हैं तथा उनका विवाह प्रेम, समर्पण और आदर्श दांपत्य का संदेश देता है। कथा व्यास ने कहा कि धर्म रूपी श्रीराम ने अहंकार रूपी धनुष को तोड़कर वैराग्य रूपी लक्ष्मण के सहयोग से भक्ति स्वरूपा सीता को प्राप्त किया। उन्होंने श्रीराम के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेने और पारिवारिक संबंधों में सम्मान व मर्यादा बनाए रखने का संदेश दिया। कथा में राम की बाल लीलाएं, ताड़का वध, विश्वामित्र से ज्ञान प्राप्ति और सीता स्वयंवर का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा श्रवण के लिए पानीपत, करनाल, दिल्ली व आसपास क्षेत्...
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