बलिया, मई 18 -- रतसर। नगर के ध्रुवनाथ के मठिया पर चल रहे विष्णु महायज्ञ और राम कथा के चौथे दिन शनिवार की शाम बाल व्यास आरती किशोरी ने राम वगनगम प्रसंग को सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। आरती किशोरी ने श्रीराम के त्याग, धैर्य और संस्कार पर प्रवचन में बताया कि प्रभु श्रीराम महाराज राम दशरथ के आज्ञाकारी पुत्र हैं। पिता का आदेश मिलने के साथ ही राजपाट छोड़ जंगल में चले गये और अपने साहस, पराक्रम मायावी राक्षसों समेत अत्याचारी रावण का वध कर ऋषि-मुनियों को उनके आतंक से मुक्ति दिलाया। वहीं आज पिता-पुत्र और भाई-भाई में बंटवारे को लेकर जंग हो रहा है। समाज के लोग प्रभु श्रीराम से संस्कार, त्याग और परोपकार की सीख लें तथा माया मोह से दूर रहें। इसी से राम राज्य की परिकल्पना साकार होगी और इस लोक के साथ परलोक भी संवर जायेगा। इस मौके पर आयोजक मंडल के...
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