रामपुर, सितम्बर 29 -- श्री हरी आदर्श रामलीला में राम-केवट और दशरथ मरण की लीला का मंचन किया गया। इसमे राम, लक्ष्मण , माता सीता और आर्य सुमंत के साथ वन प्रदेश में महाराज निषाद राज से मिलते है और वहां पर महाराज निषाद राज द्वारा राम, लक्ष्मण और सीता जी को बहुत ही आदर भाव से रखा जाता है। आर्य सुमंत को भगवान राम द्वारा अयोध्या वापिस भेज दिया जाता है। सुमंत जी का विलाप बहुत ही मार्मिक ढंग से दर्शाया गया है। इसे देखकर दर्शक भी भाव - विभोर हो जाते हैं। साथ गंगा किनारे श्री राम की भेंट केवट से होती है। राम जी केवट से गंगा पार करने का आग्रह करते हैं, तभी राम-केवट का रोचक संवाद होता है। इधर सुमंत जी महाराज दशरथ को बताते हैं कि राम-लक्ष्मण और सीता जी वन को चले गए हैं। इस बात को सुनकर महाराज दशरथ को बहुत गहरा आघात लगता है,और अधिक अधीर हो उठते हैं। अंत ...
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